जो लड़की जितनी चंचल होगी उसका सेक्स के प्रति आकर्षित होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। हाल ही में कनाडा से प्रकाशित मेडिकल जर्नल साइकाइट्री में इस संबंध में जानकारी दी गई है।
21 साल से कम उम्र की सैकड़ों लड़कियों पर किए गए शोध में यह में यह पाया गया है कि जो लड़कियां ज्यादातर ऊपर- नीचे कूदती रहती हैं, आराम से एक जगह नहीं बैठती, इधर-उधर देखती रहती हैं, हमेशा बेचैन रहती हैं उनमें अतिचंचलता विकसित होती है। ऐसी अधिकतर लड़कियां गलत संबंध और कम उम्र में ही गर्भधारण कर बैठती हैं, जिन्हें बाद में चलकर अबॉर्शन या अन्य तरह की समस्याओं के साथ जूझना पड़ता है।
मौज-मस्ती से शुरूआत
मूलत: शोध में बताया गया है कि अतिचंचल लड़कियां हमेशा निगाहें यहां से वहां घूमाती रहती हैं जैसे उन्हें किसी की तलाश हो। इसके अलावा ये कभी भी एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठी नहीं रह सकती हैं। इन लड़कियों दिमाग बेहद तेज होता है। कई बार ये यूं ही मौज मस्ती के लिए ही किसी लड़के से बातचीत की शुरूआत करती हैं पर बाद में अपने ही जाल में फंस जाती हैं।
फांसती हैं होशियार सहपाठी को
लंदन के युनिवर्सिटी के डॉक्टर नेथली फांटेन के मुताबिक स्कूल या कॉलेज में जो लड़कियां पढ़ने में कमजोर होती हैं, जिन्हें टीचर से होमवर्क या अन्य किसी कारणवश डांट खानी पड़ती है, उन लड़कियों में चंचलता की अधिकता हो जाती है। ऐसी कुछ लड़कियां अपना काम निकालने के लिए भी अपने साथ पढ़ने वाले लड़कों के साथ संबंध बना लेती हैं। लेकिन वे नहीं जानकी इस छोटे से काम निकालने के लिए बाद में चलकर कितना पछताना पड़ेगा। इंग्लैंड में हुई रिसर्च में कुंवारी मां वाले अधिकतर प्रकरणों में यह पाया गया कि लड़कियों ने क्लास के सबसे होशियार लड़के को किसी तरह इंप्रेस कर लिया हालांकि बाद में उसका परिणाम कम उम्र में गर्भधारण करने के रूप में सामने आया।
14 साल में बन गई मां
इस जनरल में नेंसी नामक लड़की का उदाहरण दिया गया है जिसने 14 साल की उम्र में अपने पड़ोसी के बेटे के साथ ऐसे ही शुरुआत की थी बाद में वह कनाडा की सबसे कम उम्र की मां बन गई। हाल ही में इंग्लैंड में भी ऐसे कई उदाहरण सामने आए थे जिसमें एक लड़की 13 साल से कम आयु में मां बन गई, गजब तो तब है जब उसका पिता मात्र 11 साल का है। इस लड़के की तस्वीरों ने पिछले सप्ताह ब्रिटेन जबर्दस्त नैतिकतावादी बहस छेड़ दी थी।
हिंसक तक हो जाती हैं..
100 लड़कियों पर किए गए एक अन्य शोध में 10 लड़कियों में से हर एक लड़की में अतिचंचलता का उच्चस्तर पाया गया जबकि अन्य 10 लड़कियों में उच्च स्तर के साथ शारीरिक रूप से आक्रामक रवैया भी देखा गया। इस रवैये के चलते कई बार इनमें रेपिस्ट इंडीकेशन तक डवलप हो जाते हैं। बालसुधार ग्रह की एक लड़की डेव में ऐसे ही लक्षण पाए गए जिसमें वह किसी भी कम उम्र के लड़के के साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास करती थी असफल रहने पर उस पर हमला कर देती थी।
ज्यादातर लड़कियां नहीं होती अतिचंचल
लंदन के युनिवर्सिटी के डॉक्टर नेथली फॉटेन का मानना है कि हालांकि लड़कों के मुकाबले लड़कियों में अतिचंचलता बहुत कम पाई जाती है लेकिन यह जिन लड़कियों में पाई जाती है, उन्हें इससे निपटने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ये अतिचंचल किस्म की लड़कियां ही कुंवारी मां बनने में सबसे आगे रहती हैं।